भोपाल। रतलाम मध्यप्रदेश की रहने वाले धर्मवीर सिंह की बेटी सलोनी सिंह के खिलाफ राजस्थान के डूंगरपुर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सलोनी सिंह ने अपना नाम आकृति वर्मा बताया और अपने साथियों के साथ जालसाजी करके कई लोगों से साथ ठगी कर ली। सलोनी सिंह ने खुद को बिगास इंटरप्राइजेज का अधिकारी एवं अपने पिता को हाईकोर्ट का जज बताकर लोगों को जाल में फंसाया।
राजस्थान के पुनाली निवासी किशोर पुत्र धनराज जोशी ने डूंगरपुर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। प्रार्थी ने रतलाम के आजाद नगर निवासी आरोपी सलोनी सिंह उर्फ आकृति वर्मा पुत्री धर्मवीर सिंह एवं उसके साथी भाग्य विहार नॉर्थ वेस्ट दिल्ली निवासी सौरव शर्मा पुत्र रविदत्त शर्मा, न्यू दिल्ली निवासी नेहा, आशीर्वाद भट्ट उर्फ अमर भारद्वाज के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार किशोर जोशी माथुगामड़ा रोड पर स्थित एकलव्य कोचिंग क्लासेज का निदेशक है। प्रार्थी न शिकायत में बताया कि इंडिया मार्ट डॉट कॉम पर आरोपियों की कंपनी बिगास इंटरप्राइजेज के विज्ञापन से ऑनलाइन फॉर्म बिलिंग का कार्य करने लिया था। जिसका मेहनताना 17 रुपये प्रति फार्म देना तय हुआ था।
बिगास इंटरप्राइजेज अपने आप को एज्यूकेटिव व डाटा आउट सोर्सिग की कंपनी बता रही थी। पीड़ित ने इंडिया मार्ट डॉट कॉम पर मिले नंबर पर संपर्क किया। आरोपियों ने स्वयं को कंपनी का बड़ा अधिकारी बताया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार रतलाम मध्यप्रदेश से डूंगरपुर राजस्थान नजदीक होने के कारण आरोपी सलोनी सिंह उसके पास पहुंची। कमलेश मेघवाल ने 70 हजार रुपये जमा कराए। प्रार्थी ने एक लाख रुपए सिक्युरिटी के रूप मेें आरोपी सौरव शर्मा के खाते में 15 अक्टूबर 2018 को ऑनलाइन जमा कराए। आरोपियों ने षड्यंत्र पूर्वक स्टांप तैयार किया। एडवोकेट नोटेरी से फर्जीवाड़ा कर फर्जी सील मोहर अटेस्टेट करवाया। प्रार्थी नोएडा नहीं गया, उसके फर्जी तरीके से हस्ताक्षर किए गए।
प्रार्थी को कॉपी पेस्ट प्रीमियम प्लान के तहत एक लाख रुपये का बैंक चैक 16 अक्टूबर 2018 को जारी किया। जिसे 14 नवंबर को IDBI बैंक शाखा डूंगरपुर में लगाया गया। खाते में राशि नहीं होने से चैक अनादरित हो गया। आरोपियों ने अजमेर निवासी गिरेंद्र माहेश्वरी से 95 हजार रुपये खाते के जरिये हड़प लिए।
काम नहीं मिलने पर पता चला धोखाधड़ी का
प्रार्थी को कुछ दिनों से काम नहीं मिलने पर पता किया तो अपराधिक साजिश के तहत कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रखा है। कंपनी किसी भी ग्लोबल मार्केट आउटसोर्सिंग के लिए कार्य नहीं करती है। आउटसोर्सिंग के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है। रिपोर्ट में बताया कि आरोपी सौरव शर्मा स्वयं को कंपनी का निदेशक बताता है। आरोपी सलोनी सिंह अपना नाम आकृति वर्मा बताकर स्वयं को हाइकोर्ट जज की बेटी बताती है।
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