इंदौर। पूरे मध्यप्रदेश में किसान लोन घोटाले के खुलासे हो रहे हैं। यह घोटाला 1000 करोड़ से ज्यादा होता जा रहा है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठित होना जरूरी है। भिंड में घोटाले से जुड़े 2 कर्मचारियों की संदिग्ध मौत के बाद बुरहानपुर जिले के कर्जदार किसानों की लिस्ट में नया खुलासा हुआ है। यहां महाराष्ट्र राज्य के 250 किसानों के नाम लोन दर्ज कर लिया गया है।
ये किसान वो हैं जो पिछले कुछ सालों में पलायन करके महाराष्ट्र जा चुके हैं या फिर मप्र की सीमा से सटे महाराष्ट्र मूल के सैकड़ों किसानों के खेत बुरहानपुर में हैं। ये किसान आज भी नियमित रूप से जिले की सोसायटियों और बैंकों से ऋण लेकर खेती करते आ रहे हैं या खेत बंटाई पर दे रहे हैं। कुछ किसान अपनी जमीनें बेच कर महाराष्ट्र चले गए हैं लेकिन आज भी उनके नाम डिफाल्टरों की सूची में शामिल हैं।
ऐसे हुआ गड़बड़झाला, सामने आया मामला
ऐसे अपात्र किसानों के नाम हटाए बिना ऋण दाता बैंक और सोसायटियों ने उनके नाम सूची में जारी कर दिए। इनमें से अधिकांश किसानों ने कर्ज माफी के लिए चोरी-छुपे पंचायतों तो किसी ने सोसायटियों में सफेद और हरे आवेदन जमा कर दिए। हालांकि जब आधार कार्ड नंबर ऑनलाइन अपलोड किए गए तो उसमें उनकी महाराष्ट्र की पहचान सामने आई। प्रशासन ने सोसायटियों से उनका पूरा रिकार्ड मांगा है।
बैठक में सभी समितियों के प्रबंधकों को बुलाया
यह गड़बड़ी सामने आने के बाद शुक्रवार को कृषि कार्यालय में बैठक रखी गई। इसमें जिले की सभी सोसायटियों के प्रबंधकों को पत्र जारी कर बुलाया गया। इनसे पंचायतवार आधार सिडेड, नान सिडेड, पोर्टल पर दर्ज, पंचायत में जमा सफेद, हरे और गुलाबी फार्म वाले किसानों की संख्या सहित अन्य जानकारी लेकर समीक्षा की गई। इसके अलावा ऐसे किसानों को लेकर भी चर्चा की गई, जो महाराष्ट्र के निवासी हैं और फार्म नहीं जमा कर पाए हैं। इनके कारणों पर भी चर्चा की गई।
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