भारत सरकार ने अंतरिम बजट में पांच लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री रखने की घोषणा के बाद से तरह-तरह के जोड़-घटाव किए जा रहे हैं कि कुल कितने तक की आय पर टैक्स बचाया जा सकता है। राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने शनिवार को कहा कि अगर कोई करदाता टैक्स बचाने के उचित उपकरणों में ठीक-ठीक निवेश करता है, तो वह नौ लाख रुपये तक की आय पर टैक्स बचा सकता है।
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा, ‘हमने आयकर में पूरी तरह छूट दी है, ताकि पांच लाख रुपये तक कर-योग्य आय के लिए करदाता को टैक्स देना ही नहीं पड़े। इसके अलावा अगर वे आयकर की धारा 80-सी के तहत निवेश करते हैं, शिक्षा या आवास ऋण के मद में ब्याज का भुगतान करते हैं, पेंशन योजनाओं में निवेश करते हैं या मेडीक्लेम और गंभीर बीमारी जैसे मदों में खर्च दिखाते हैं, तो नौ लाख रुपये तक की आय वाले नौकरीपेशा आसानी से टैक्स बचा सकते हैं।’
आयकर में कहां कितना छूट मिलेगी
आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), जीवन बीमा पॉलिसी, दो बच्चों की पढ़ाई पर दी गई ट्यूशन फीस, बैंकों में पांच साल की सावधि जमा, राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) सहित कुछ गिनी-चुनी योजनायें हैं जिनमें निवेश कर डेढ लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आवास ऋण पर दिये गये दो लाख रुपये तक के ब्याज पर भी कर छूट का लाभ मिल सकता है।
राष्ट्रीय पेंशन योजना में निवेश पर 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है।
चिकित्सा बीमा प्रीमियम में भी 75 हजार रुपये तक की कर छूट उपलब्ध है।
व्यक्तिगत आयकर की गणना में मानक कटौती को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। यह वेतनभोगी तबके को अतिरिक्त लाभ दिया गया है।
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