मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:
स्वयं को अध्यात्मिक गुरु कहलाने वाले प्रेमासाई महाराज दो वर्ष पहले यवतमाल जिला में प्रगट हुए थे, यहां उन्होंने कई गांव गोद लेकर उसे सुधारने का दावा किया है। यवतमाल शहर से सात किलोमीटर दूरी पर स्थित जाम गांव में अभिनेत्री सुधा चंद्रन के हाथों गांव प्रकाशित करना, गांव में वायफाय सुविधा, नागरिकों को रोजगार का लालच दिखाकर उन्हें गुमराह करने का आरोप गांव के ही नागरिक लगा रहे हैं।
गत कई दिनों से चर्चा आ रही है कि प्रेमासाई ने अध्यात्म के पाठ पढाते हुए सांसद बनने का ख्वाब देख रहे हैं और इसके लिए वह यवतमाल और वाशिम चुनाव क्षेत्र में दौरे शुरू कर किए हैं। वहां गांव की विविध समस्या दूर करने का आश्वासन दिया, गांव में कुछ ही लाईट लागकर गांव प्रकाशित करने की घोषणा उन्होंने की। गांव में जाकर देखा तो यहां कोई भी सुविधा महाराज द्वारा उपलब्ध न कराने की बात सामने आयी। आश्वासन देने के बाद प्रेमासाई महाराज जाम गांव में आए भी नहीं ऐसा यहां के नागरिकों ने बताया है। कुछ दिन पहले पिंपलगांव के झोपडपट्टी में महिला-पुरुषों को प्रेमासाई द्वारा लालच दिखाने की शिकायत लोहारा पुलिस स्टेशन में करने के बाद गुनाह दर्ज किया गया, लेकीन इस पर क्या कार्रवाई हुई यह अबतक पता नहीं चल पाया है। बताया जाता है कि प्रेमासाई महाराज के एक राज्यमंत्री से ज्यादा बॉडीगार्ड हैं। महाराज को क्यों बॉडीगार्ड चाहिए ऐसा सवाल भी लोग पुछ रहे हैं।
from New India Times http://bit.ly/2G2Nhdi

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