नाबालिग बालिका के साथ दुष्‍कर्म करने वाले आरोपी को मिली 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सज़ा एवं लगाया गया 24000 रूपये का अर्थदण्ड

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अव्यस्क बालिका को बहला फुसला कर ले जाने और बार बार दुष्कर्म करने के मामले में विशेष सत्र न्‍यायालय, विशेष न्‍यायाधीश बुरहानपुर (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) माननीय राजेश नंदेश्वर द्वारा आरोपी हरसिंह उर्फ हरसिया (21 साल) पिता चमारिया, निवासी ग्राम बंधान फाल्‍या, इटारिया, जिला बुरहानपुर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सज़ा एवं 24000. 00 रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया है।

प्रकरण की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए न्यायालय के मीडिया सेल प्रभारी सुनील कुरील ने बताया कि 31.12.2015 को फरियादी शाम को खाना खाकर अपनी पत्‍नी के साथ अपने खेत की रखवाली करने अपने खेत पर चले गया व उनकी 15 वर्षीय अवयस्‍क पुत्री सहित 2 लडकियां व 7 लडके घर पर रहे। जब दूसरे दिन 01.01.2016 की सुबह उक्‍त फरियादी व उसकी पत्‍नी अपने खेत से घर वापस आए तो उन्‍हें उनकी उक्‍त पुत्री घर पर नहीं मिली। पूछताछ करने पर पुत्र ने बताया कि लड़की रात से ही घर पर नहीं है। फरियादी ने घर के आस-पास व रिश्तेदारों से पता किया पर लड़की नहीं मिली। इसके पश्‍चात गांव में व आसपास पता करने पर हरसिंह उर्फ हरसिया पिता चमारिया भिलाला, निवासी बंधान फाल्‍या भी उसी दिन से गांव से फरार होने की जानकारी मिलने पर लड़की को बहला- फुसलाकर ले जाने की शंका उस पर जाहिर करते हुए फरियादी द्वारा घटना की रिपोर्ट थाना निम्‍बोला में दर्ज करायी। दिनांक 07.02.2016 को अव्यस्क लड़की को अभियुक्‍त के कब्‍जे से ही हुकुमसिंह राजपूत के खेत ग्राम गोराडिया, जिला खण्‍डवा से बरामद किया गया एवं अभियुक्‍त ने हलड़की को बहला फुसला कर भगा कर ले गया था। पूछताछ में लड़की ने बताया कि अभियुक्‍त हरसिंह ने अपहरण करने के पश्‍चात उसके साथ बार-बार बलात्‍कार करता था।

विवेचना पश्‍चात पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध 363, 376 (2)(आई)(एन) भादवि, एवं धारा 3/4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत चालान माननीय न्‍यायालय में पेश किया।
प्रकरण में सफलता पूर्वक पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एंव विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्‍धावे द्वारा की गई। विचारण पश्चात आरोपी को न्यायालय ने भादवि की धारा 363 में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये का अर्थदण्‍ड, भादवि की धारा 366 में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये का अर्थदण्‍ड, भादवि की धारा 376 (2)(एन) में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10000 अर्थदण्‍ड, धारा 5(ठ) एवं सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित किया। विशेष लोक अभियोजक के द्वारा माननीय न्यायालय से निवेदन करने पर धारा 357 द.प्र.स. के तहत 20,000 रूपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश मा. न्‍यायालय द्वारा दिया गया। समस्‍त सजाएं एवं दण्‍ड एक साथ भुगताए जाने का आदेश न्‍यायालय द्वारा दिया गया।



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