भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस नेता एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के घर क्यों गए थे। यह कार्यक्रम अचानक और बिना प्रयोजन के क्यों बना।
बता दें कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार की रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। बाद में दोनों नेताओं ने इस चर्चा को सौजन्य भेंट बताया। मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंात्री चौहान ने इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान माफ करो महाराज के सवाल पर कहा कि आपस में अब कोई मनमुटाव नहीं। इधर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सौजन्य भेंट थी। वे 15 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। मेरा दायित्व बनता है कि मैं उनसे मुलाकात करूं। इसी के चलते मैं उनसे मिला। हमारी आगे की विचारधारा को लेकर बातचीत हुई।
बड़े सवाल
ज्यादातर होता यह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया लोगों को मिलने के लिए अपने आवास पर बुलाते हैं परंतु यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया खुद शिवराज सिंह के आवास पर क्यों गए।
शिवराज सिंह चौहान की सीएम कमलनाथ से दोस्ती जग जाहिर है। तो अब क्या यह दोस्ती ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी हो गई है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र में सीएम पद के दावेदार थे। कांग्रेस में गुटबाजी के कारण वो चूक गए।
भाजपा शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा चुनाव में एक विशेष रणनीति के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने के लिए उतारने पर विचार कर रही है। क्या यह मुलाकात इस बारे में भी है।
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