भोपाल। जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत संविदा लिपिक सह डाटा एन्ट्रीआपरेटरों की संविदा 31 दिसम्बर 2018 को समाप्त हो गई है। ये संविदा कर्मचारी अधिकारी विगत 10 वर्षो से संविदा पर लिपिक सह डाटाएन्ट्री के पद पर कार्यरत कर रहे थे। इन संविदा लिपिकों की संविदा प्रतिवर्ष बढ़ाई जाती रही है।
नई सरकार बनने के बाद पहली बार नई सरकार में इनकी संविदा बढ़ाई जानी है लेकिन अपैक्स बैंक के अधिकारी, पंजीयकों ने संविदा बढ़ाने के आदेश जिला सहकारी बैंकों को नहीं दिये हैं। जिसके कारण इन बैंकों के प्रबंधकों ने इन संविदा कर्मचारियों को काम करने से मना कर दिया है और यूजर आईडी पासवर्ड भी ले लिये हैं तथा बैंकों में कार्य भी नहीं करने दे रहे ना ही उपस्थित पंजी पर हस्ताक्षर करने दे रहे हैं। जिसके कारण जिला सहकारी बैंको के 800 संविदा कर्मचारियों में बैचेनी तथा आक्रोश है।
संविदा बढ़ाने के लिये मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र खोंगल तथा म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने सहकारिता मंत्री डा. गोविन्द सिंह से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा तथा कांग्रेस के पत्र में दिये गये वचन के अनुसार संविदा बढ़ाने और नियमित करने की मांग की ।
जनसम्पर्क और विधि विधायी कार्य मंत्री पी.सी. शर्मा ने भी सहकारिता मंत्री डा. गोविन्द सिंह को पत्र लिखकर जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत लिपिक सह डाटा एन्ट्री आपरेटरों की संविदा बढ़ाने का अनुरोध किया है । डा. गोविन्द सिंह ने सहकारी बैंको में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की संविदा बढ़ाने का आश्वासन दिया है । प्रतिनिध मंडल में म.प्र. कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र खोंगल, म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर केन्द्रीय बैंक संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्याम पाटीदार, सुनील यादव, विशाल भारद्वाज, मनराज परमार आदि शामिल थे।
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