वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के द्वारा चलाई जा रही योजना सरल संस्कृत संभाषण के अंतर्गत संस्कृत वाग्व्यव्यहार कार्यशाला का आयोजन जिस प्रकार से सभी विद्यालयों में हो रहा है उसी क्रम में लखीमपुर के कालाआम में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 14 जनवरी 19 को वाग्व्यवहार कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मनोरमा बाजपेई ने संस्कृत के महत्व को बताते हुए कहा कि संस्कृत भाषा केवल देवों की भाषा ही नहीं बल्कि आज सामान्य जन की भाषा भी बन गई इस भाषा को बोलने से लोगों में सकारात्मकता का गुण विकसित होता है, जिससे वह अपने जीवन में बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। विशिष्ट अतिथि के रुप में बबिता बरनवाल ने बताया कि संस्कृत भाषा से ही सभी भाषाओं का उद्भव हुआ है अतः हम सभी को इस भाषा का ज्ञान ही नहीं बल्कि इस भाषा को व्यवहार में भी लाना चाहिए।कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने किया उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला 14 जनवरी से 28 जनवरी तक चलेगी।जिसका समय प्रातः 10 बजे से मध्यान तीन बजे तक होगा।इसी क्रम में माया देवी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आधुनिक समय की भाषा संस्कृत भाषा ही है।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस कार्यशाला का उद्देश्य जनसामान्य की भाषा संस्कृत हो। इसके लिए इस कार्यशाला में सभी छात्रों को संस्कृत गीत, कथा और अभिनय की माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर सविता वर्मा, ऊर्जा, श्वेता व विद्यालय के समस्त छात्र उपस्थित रहे।
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