डेस्क। यह किसी भी देश के लिए सबसे शर्मनाक है कि वहां के लोग खुद को सुरक्षित नहीं मान रहे हैं और अपराध का शिकार होने के लिए माताएं अपनी बेटियों को अवमानवीय प्रताड़नाएं दे रहीं हैं और यह सबकुछ इंग्लैंड जैसे देश में हो रहा है जिसे भारत के लोग आधुनिक और भारत से श्रेष्ठ देश मानते हैं। लड़कियों को रेप से बचाने के लिए इंग्लैंड में करीब 1000 लड़कियों की छाती पर गर्म पत्थर रख दिया गया। ताकि उनके स्तनों का विकास धीमा हो जाए और अपराधी बलात्कार करने के लिए उन्हे निशाना ना बनाएं।
लड़कियों की छाती को गर्म पत्थर से दागने की परंपरा अफ्रीका से शुरू हुई थी। गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन, यॉर्कशायर, एस्सेक्स, वेस्ट मिडलैंड्स में रहने वाले अफ्रीकी मूल के परिवारों में ये घटना सामने आई। कम्यूनिटी वर्कर्स से मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।
कम्यूनिटी वर्कर्स के मुताबिक, मां, चाची या दादी टीनेज पीरियड शुरू होने से पहले ही लड़कियों के 'ब्रेस्ट आयरन' करती हैं। इसकी शिकार लड़कियों में 10 साल की बच्चियां भी शामिल हैं। कई बार ब्रेस्ट आयरनिंग हफ्ते में एक बार तो कभी 15 दिन पर एक बार किया जाता है।
आमतौर पर माताएं ही ऐसा करती हैं और वे मानती हैं कि ऐसा करके वह अपनी बच्चियों को मर्दों के अटेंशन, यौन हिंसा और रेप से बचा रही हैं। मेडिकल एक्सपर्ट इसे चाइल्ड एब्यूज मानते हैं। ब्रेस्ट आयरनिंग की प्रक्रिया से न सिर्फ लड़कियों के शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि साइकोलॉजिकल मुश्किलें भी होती हैं।
इंफेक्शन का भी खतरा रहता है, ब्रेस्टफीडिंग के लिए भी लड़कियां अयोग्य हो सकती हैं और इतना ही नहीं, ब्रेस्ट कैंसर भी हो सकता है। यूनाइटेड नेशन के मुताबिक, ब्रेस्ट आयरनिंग के बारे में काफी कम रिपोर्टिंग की जाती है लेकिन यह काफी गंभीर अपराध है।
इंग्लैंड में पुलिस का कहना है कि ब्रेस्ट आयरनिंग से जुड़े मामलों में उन्होंने चार्जशीट दायर नहीं किए हैं, लेकिन शक है कि ये हो रहा है। कई जानकारों का कहना है कि यह मुद्दा काफी बढ़ रहा है, लेकिन लोगों का ध्यान इस पर नहीं जा रहा. इसको लेकर कोई कानून भी नहीं है।
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