भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने 12 दिसंबर को ग्रुप 4 की परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। आचार संहिता के नाम पर इसे अटकाया गया था। देर से जारी हुए रिजल्ट पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। आपत्तिकर्ताओं के तर्क भी दमदार हैं। सोशल मीडिया पर एक लिस्ट वायरल हो रही है जिसमें बताया गया है कि ग्रुप 4 के रिजल्ट में जिन्होंने रेंक किया है, पिछली परीक्षाओं में वो फिसड्डी थे। सवाल यह है कि पिछली परीक्षाओं में फिसड्डी रहे उम्मीदवाद अचानक टॉपर कैसे हो गए ?
मेरिट लिस्ट में 1 या 2 नहीं पूरे 6 छात्र ऐसे हैं, जो पिछली परीक्षाओं जैसे जेल प्रहरी, वन रक्षक, पटवारी भर्ती परीक्षा में बेहद मामूली नंबर 35 से 45 अर्जित कर सके थे, वे इस बार 90 से 95 नंबर तक हासिल कर गए। सवाल यह पूछा जा रहा है कि 06 छात्रा रातों रात इतने टेलेंटेड कैसे हो गए। कहां और कौन सा घोटाला हुआ है जो अब तक पकड़ा नहीं जा सका। उम्मीदवारों ने सभी संदिग्ध रेंकर्स की फिर से जांच कराने की मांग की है।
ग्वालियर के छात्र विजय राजपूत, सतेंद्र त्यागी, अभिषेक दुबे और भानू पाठक आदि छात्रों ने मेरिट में आए छात्रों का वर्तमान रिजल्ट और पुरानी परीक्षाओं का रिजल्ट बतौर सबूत संभागीय कमिश्नर बीएम शर्मा को शिकायती पत्र के साथ सौंपा है। इसके साथ ही इन्होंने सीएम कार्यालय को अलग से शिकायत भेजी है कि पीईबी के परीक्षा नियंत्रक द्वारा ही संदिग्ध रिजल्ट तैयार कराया जा रहा है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। बता दें कि ग्रुप 4 की परीक्षा के जरिए सहायक ग्रेड 3, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य समकक्ष पदों के लिए चयन किया जाता है।
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