बीजेपी को झटका देने के लिए अखिलेश यादव और मायावती ने चली यह चाल



बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस बयान पर गौर करिए- " बीजेपी के लिए महागठबंधन कोई बड़ी चुनौती नहीं है. 2019 में भी हमारी वापसी होगी, हां यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन से कुछ चुनौती जरूर खड़ीं हो सकतीं हैं. " अमित शाह के ये बयान हालिया में कुछ कार्यक्रमों के दौरान महागठबंधन को लेकर पूछे सवाल पर आए हैं.  400रु का फ्री Paytm कैश पाने के लिए यहाँ क्लिक करें.


उनकी बातों से लगता है कि खुद बीजेपी के अंदरखाने भी यूपी में सपा-बसपा के प्रस्तावित गठबंधन को लेकर कुछ घबराहट है. यह अलग बात है कि चुनावी रणनीति के तहत पार्टी इस घबराहट को उजागर नहीं होने देना चाहती. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सपा-बसपा के पास जिस तरह से थोक में जाति विशेष का बेस वोट बैंक है, वह अगर 2019 में एकजुट हुआ तो बीजेपी के 'हिंदू वोटर' के फार्मूले पर जातीय समीकरण भारी पड़ सकते हैं. यह ठीक उसी तरह होगा, जैसे बिहार में राजद और जदयू के कांग्रेस के साथ बनाए महागठबंधन के जातीय समीकरणों के फेर में बीजेपी उलझकर रह गई थी.


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