
हैंगिंग गार्डेनः- इस तरह के बगीचे में आपको पौधे लगाने के लिए जमीन के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें छोटे-छोटे गमलों को छत पर हुक बनाकर लटकाया जा सकता है। यही नहीं ग्रिल का इस्तेमाल भी हैंगिंग पाट्स लगाने के लिए किया जा सकता है। इससे बालकनी का फ्लोर एरिया बच जाता है, जिसका इस्तेमाल आप दूसरे कामों में कर सकते हैं। इसके साथ ही घर का यह कोना हरियाली और खूबसूरती से भर जाता है।
सजावट भी है जरूरीः- पौधों को एक क्रम में लगाने के लिए हुक, चेन और तरह-तरह के आकार वाले गमले तो आते ही हैं। आजकल हैंगिंग गार्डेन को खूबसूरत बनाने के लिए ढेर सारी एक्सेसरीज भी बाजार में उलपब्ध हैं। प्लांट कंटेनरः आजकल बाजार में रंग-बिरंगे प्लांट कंटेनर आ रहे हैं। ये अपने आप में शोपीस की तरह लगते हैं।
बर्ड बाउल या नेस्टः इसमें आप चिडियों के लिए पानी और दाना डाल सकते हैं, ताकि पक्षी भी आकर आपके हैंगिंग गार्डेन का लुत्फ उठा सकें। हैंगिंग्सः पाट्स के बीच-बीच में लगाने के लिए बेहद खूबसूरत हैंगिंग्स और दूसरी तरह के शो पीस का इस्तेमाल करके भी गार्डेन की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं।
रंग-बिरंगे पाट्सः- आजकल खासतौर पर प्लास्टिक के पाट्स आते हैं। ये बेहद हल्के होते हैं और इनका रखरखाव भी आसान है। इसके अलावा इनके टूटने का खतरा नहीं होता और खराब होने पर इन्हें बदलना महंगा भी नहीं पड़ता। इसके अलावा राट आयरन के हैंगिंग स्टैंड भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। इनमें कोकोलाइनर की बास्केट लगी होती है। इसकी सजावट के लिए हल्के वजन का बुरादा, जिसे कोकोपीट कहते हैं और ग्रास भी आती है। चीनी मिट्टी के गमले भी हैंगिंग गार्डेन में इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन ये काफी भारी होते हैं और इनके टूटने का खतरा भी ज्यादा होता है। इसलिए इनका प्रयोग कम किया जाता है। ये थोड़े महंगे भी होते हैं। कैसे करें देखभाल -आमतौर पर हैंगिंग गार्डेन में लोग इस तरह के पौधे लगाना पसंद करते हैं, जिन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत न हो। बेल या पौधे, जिनमें दो दिन में एक बार पानी देने की जरूरत पड़े। – आजकल बाजार में ऐसी एक्सेसरीज भी उपलब्ध हैं, जिनमें हैंगिंग गार्डेन का ध्यान रखना अपेक्षाकृत सुविधाजनक हो जाता है।
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