नई दिल्ली। 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. दिलीप सिहं ने कहा है कि नोटा को एक प्रत्याशी के तौर पर माना जाएगा और यदि नोटा जीता तो दोबारा चुनाव होंगे। इतना ही नहीं नोटा के सामने हारे हुए सभी प्रत्याशी अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे। बता दें कि हरियाणा के 5 जिलों में नगरनिगम के चुनाव हो रहे हैं।
नोटा को माना जाएगा काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार
हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. दिलीप सिहं ने गुरुवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि इस चुनाव में उन्होंने नोटा को लेकर देश का पहला फैसला लिया है कि नोटा को एक काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार माना जाएगा। यदि चुनाव में नोटा को अन्य प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिल जाते हैं तो चुनाव रद्द कर दिया जाएगा और दोबारा जब चुनाव होगा तो उसमें पहली बार वाले प्रत्याशी अयोग्य घोषित हो जाएंगे। वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यदि दोबारा हुए चुनाव में फिर से नोटा को ज्यादा वोट मिलते हैं तो चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में से सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा।
चुनाव आयुक्त का कहना था कि लोकसभा, विधानसभा चुनाव में नोट पर कम वोट आते हैं लेकिन नगर निगम और नगर पालिका चुनाव में नोटा की अहम भूमिका रह सकती है, क्योंकि इन चुनावों में मतदाता कम होते हैं, इसलिए यहां नोटा पर ज्यादा वोट आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने यह प्रावधान हरियाणा में सिर्फ नगर निगम चुनाव के लिए लागू किया है।
बता दें कि वर्ष 2015 में नोटा पूरे देश में लागू हो गया था। अभी तक भले ही नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं लेकिन उसका नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता है। चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले उम्मीदवार को ही विजयी घोषित किया जाता है। लम्बे समय से मांग की जा रही है कि नोटा को एक प्रत्याशी के तौर पर माना जाए।
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