नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दलित कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। वो गांधी परिवार को दलित विरोधी बताकर वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में चुनावी आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीताराम केसरी एक 'दलित' थे और कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्हें पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया, बल्कि सोनिया गांधी के लिए रास्ता बनाने की खातिर उन्हें हटा दिया गया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि सीताराम केसरी दलित ने बनिया थे।
नरेंद्र मोदी का दलित ऐजेंडा फिर शुरू
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा ‘‘देश को पता है कि सीताराम केसरी जैसे दलित पीड़ित शोषित समाज से आए हुए व्यक्ति को पार्टी के अध्यक्ष पद से कैसे हटाया गया था। कैसे बाथरूम में बंद कर दिया गया था? कैसे दरवाजे से निकालकर के उठाकर के फुटपाथ पर फेंक दिया गया था? इसके बाद मैडम सोनिया जी को बैठा दिया गया था।’’ उन्होंने कहा ‘‘जो लोग दलित, पीड़ित, शोषित को दो साल भी झेल नहीं पाए, वे कैसे पांच साल के लिए इस परिवार से बाहर के लोगों को अध्यक्ष बना सकते हैं।’’
कांग्रेस ने बताया: मोदीजी झूठ बोल रहे हैं
मोदी के इसी दावे को कांग्रेस ने झूठ करार दिया है। पार्टी ने एक खबर को साझा करते हुए कहा कि सीताराम केसरी दलित नहीं थे। सीताराम केसरी बनिया थे और कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर पीएम मोदी के बयान के बहाने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केशुभाई पटेल की याद दिलाई। उन्होंने कहा, ''रोज़ नई झूठ परोसना अब मोदीजी की आदत हो गई है. कृपया अपने गिरेबां में झांककर भी बताएं की आपने बीजेपी के इन क़द्दावर नेताओं से कैसा व्यवहार किया- लाल कृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्र, केशुभाई पटेल, हीरेन पण्ड्या, सुरेश भाई मेहता, संजय जोशी।
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