भोपाल। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के टिकट कटवाने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बयान दिया है कि ज्योतिरादित्य तो उनके बेटे जैसे हैं। बता दें कि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच भरी मीटिंग में विवाद इतना बढ़ा कि कई दिनों तक लिस्ट जारी नहीं हो पाई। राहुल गांधी इस विवाद का कोई हल नहीं निकाल पाए। अंतत: सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद लिस्ट जारी हो सकी। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह अपनी चाल में कामयाब रहे। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया की लिस्ट में संशोधन कराया।
लिस्ट जारी होने के बाद दिग्विजय सिंह ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, 'ज्योतिरादित्य सिंधिया मेरे बेटे जैसे हैं और उनके साथ टिकट वितरण पर कोई मनमुटाव नहीं है। ज्योतिरादित्य भी मेरा सम्मान करते हैं।' बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट्स फाइनल कराने के नाम पर कांग्रेस में आंतरिक भिड़ंत को सुलझाने के लिए सोनिया गांधी को आगे आना पड़ा था। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस कोर कमिटी की बैठक में शामिल हुईं।
बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया से बात भी की। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के नाम पर बैठक के दौरान ही आपस में भिड़ पड़े। राहुल गांधी भी उस बैठक में मौजूद थे। हालांकि बाद में दिग्विजय सिंह ने इन खबरों को नकारते हुए कहा कि पार्टी एकजुट है।
मध्य प्रदेश में पार्टी नेताओं के बीच विवाद को देखते हुए राहुल गांधी ने अशोक गहलोत, विरप्पा मोइली और अहमद पटेल जैसे तीन वरिष्ठ नेताओं की एक कमिटी भी बनाई थी। इसी महीने 28 नवंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग होनी है। बीजेपी 15 सालों से मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज है।
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