इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव एवं इंदौर के एकमात्र दिग्गज भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के सुपुत्र आकाश विजयवर्गीय जो विधानसभा चुनाव 2018 में इंदौर के क्षेत्र क्रमांक 3 से भाजपा प्रत्याशी हैं, के साथ अपशगुन हो गया। उनके मंच पर अचानक आग लग गई। आकाश ने मंच से कूदकर जान बचाई। ज्योतिष के अनुसार इसे सूर्य ग्रह का प्रकोप कहा जाता है। बता दें कि सूर्य ग्रह ही किसी व्यक्ति को मान एवं प्रतिष्ठा दिलाता है। यदि सूर्य ग्रह सम ना हो तो व्यक्ति का राजयोग भी व्यर्थ हो जाता है।
क्या हुआ घटनाक्रम
आकाश विजयवर्गीय कल रात जनसंपर्क के दौरान चिमनबाग चौराहे पर लगे स्वागत मंच से भाषण दे रहे थे। मंच को बेहद ही ख़ूबसूरती से सजाया गया था और इसे सजाने के लिए गैस के गुब्बारों का उपयोग किया गया था। जैसे ही आकाश मंच पर भाषण देने के लिए पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी शुरू कर दी। आतिशबाजी के कारण चिंगारी उड़कर गुब्बारों से टकरा गई, जिससे पलक झपकते ही आग भड़क उठी। अचानक लगी आग ने पूरे मंच को अपनी चपेट में ले लिया। आकाश विजयवर्गीय ने जान बचाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंच से नीचे छलांग लगा दी।
क्या कहती है ज्योतिष
ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की यदि सूर्य ग्रह किसी जन्म कुंडली में अशुभ हो जाए तो जातक को अत्यंत प्रयास करने के बाद भी अपने कार्यों में सफलता हासिल नहीं हो पाती है। राजनीति, नौकरी और करियर या बिजनेस में तरक्की पाने के लिए तो सूर्य का शुभ होना अत्यंत जरूरी है। इसके बिना किसी भी व्यक्ति को सफलता मिल ही नहीं पाती है। सूर्य आत्मा राज्य यश पित्त दायीं आंख गुलाबी रंग और तेज का कारक है। राहु सूर्य और चन्द्र दोनों का दुश्मन है, सूर्य के साथ होने पर पिता और पुत्र के बीच धुंआ पैदा कर देता है, और एक दूसरे को समझ नहीं पाने के कारण दोनों ही एक दूसरे से दूर हो जाते हैं।
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