
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र रहे त्रिपाठी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘मैं पहले ज्यादा चिंतित नहीं रहता था।
अब सफल होने के बावजूद मैं अंहकारी नहीं हूं, न ही आसमान में उड़ रहा हूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि मुझे जो स्टारडम मिला है, वह स्थायी नहीं है।’ त्रिपाठी ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि कुछ समय बाद कोई और पंकज आएगा, जिसके बाद मेरी कामयाबी फीकी पड़ सकती है। हालांकि मैं पहले भी चिंतित नहीं था, न ही अब हूं।अभिनेता ने कहा कि वह हमेशा खुश रहने और वर्तमान में जीने में विश्वास करते हैं।
पंकज 2012 में आई फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मशहूर हुए थे। इसके बाद उन्होंने न्यूटन, बरेली की बर्फी, रुद्र भैया और स्त्री में भी बेहतरीन अभिनय किया। फिलहाल वह सतीश कौशिक की आगामी फिल्म ‘कागज’ को लेकर उत्साहित हैं। इस फिल्म में वह आजमगढ़ के लाल बिहारी का किरदार निभाते नजर आएंगे, जिन्होंने खुद को जीवित साबित करने के लिए 18 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी थी।
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