फ़राज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:


प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक दिलीप कुमार वर्मा शुक्रवार की सुबह लगभग सवा 11 बजे तहसील परिसर पहुंचे, और एसडीएम सिद्धार्थ यादव के बारे में जानकारी ली। राजस्व कर्मियों ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। जिस पर वह तहसीलदार के चेम्बर में पहुंचे। तहसीलदार मधुसूदन आर्या का आरोप है कि पूर्व विधायक ने उनके साथ मारपीट की व सुरक्षा गार्ड की गन छीनकर जान से मारने की धमकी दी।
इस घटना के बाद तहसीलदार जिला मुख्यालय पहुंचकर एडीएम रामसुरेश वर्मा से मिले और पूरे प्रकरण की जानकारी दी। जब इसकी जानकारी राजस्व कर्मियों को हुई, तो उन्होंने तहसील के सभी दफ्तरों में ताला बंद कर तहसील के सामने जाम लगा दिया। उनकी मांग है कि पूर्व विधायक के विरुद्ध केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाये।
दूसरी ओर पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंच गए। वहां मौजूद सीओ विजय प्रकाश से पूर्व विधायक की नोकझोंक हुई। जिस पर विधायक व उनके समर्थक कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
पूर्व विधायक का कहना है कि वह तहसीलदार के चेम्बर में गए, तो तहसीलदार ने उनका कॉलर पकड़ लिया और मारने को दौड़ाया। उन पर अपने रिवाल्वर से फायर भी किया। उन्होंने कहा कि नानपारा इलाके में मुस्लिम समाज की बाहुल्यता है। उन्होंने मुस्लिमों, पिछड़ों व दलितों की राजनीति की है। तीन बार विधायक रहे हैं। उनकी पत्नी एक बार एमएलसी व अब भाजपा की विधायक हैं। सीओ विजय प्रकाश व उप निरीक्षक विपिन सिंह के रहते रबी उल अव्वल का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होना मुश्किल है। सीओ व उप निरीक्षक को तत्काल नानपारा से हटाया जाय। तहसीलदार भ्रष्ट है। एडीएम रामसुरेश वर्मा तहसीलदार से मुलाकात के बाद नानपारा पहुंच गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कोतवाली के आस पास की दुकाने बन्द हैं। पूरे नानपारा कस्बे में अफरा तफरी का माहौल है। एएसपी ग्रामीण रवींद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर पूर्व विधायक के विरूद्ध सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, सेवन क्रिमिनल एमेंडमेंट व दलित उत्पीड़न अधिनियम में केस दर्ज कर लिया गया है।
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