भोपाल। मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों की घोषणा से पहले अपने प्रदेश कार्यालय में आतिशबाजी ओर ढोल वाले नहीं बल्कि पुलिस बुला ली। दरअसल, भाजपा में इस बाद जबर्दस्त विद्रोह की संभावना है। भाजपा नेताओं को डर है कि लिस्ट जारी होते ही बागी प्रदेश कार्यालय पर हमला कर सकते हैं। यह एक्सक्यूसिव फोटो एएनआई पत्रकार संदीप सिंह ने जारी किए हैं।
याद दिला दें कि प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यालय में एतिहासिक हंगामा हो चुका है। हालात यह थे कि कार्यकर्ताओं ने सीएम शिवराज सिंह तक का रास्ता रोक लिया था। कार्यकर्ताओं ने इस बार खुली चेतावनी दी है कि यदि संगठन की बात नहीं सुनी गई तो संगठन भी नेताओं की बात नहीं मानेगा।
देशहित के नाम पर ठगी का शिकार नहीं होंगे कार्यकर्ता
भाजपा में अक्सर कहा जाता है कि कार्यकर्ता ही सर्वोपरि होता है परंतु जब टिकट और पदों का वितरण होता है तो कार्यकर्ता की बात तक नहीं सुनी जाती। लगातार 15 साल से सत्ता में चली आ रही भाजपा में इस बार कार्यकर्ताओं ने मन बना लिया है। अनुशासन, संस्कार और देशहित के नाम पर नेताओं की मनमानी नहीं होने देंगे।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भी सुरक्षा घेरे में
इधर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। आज कांग्रेस की लिस्ट जारी होने की खबर थी। कुछ समय पहले खबर आई थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच टिकट वितरण को लेकर विवाद हो गया है। गुटबाजी के चलते कुछ भी हो सकता है। कांग्रेस कल्चर भी है शक्तिप्रदर्शन।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भी सुरक्षा घेरे में
इधर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। आज कांग्रेस की लिस्ट जारी होने की खबर थी। कुछ समय पहले खबर आई थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच टिकट वितरण को लेकर विवाद हो गया है। गुटबाजी के चलते कुछ भी हो सकता है। कांग्रेस कल्चर भी है शक्तिप्रदर्शन।
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