इंदौर। केस खत्म करने और तारीख बढ़ाने के नाम पर 700 रुपए की रिश्वत मांगने वाले एसडीएम हातोद के रीडर को स्पेशल कोर्ट ने चार साल कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि रिश्वत लेने की प्रवृत्ति समाज में नासूर के समान है। आरोपितों को कठोर सजा देकर ही इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
फरियादी जगदीश केवट ने लोकायुक में शिकायत की थी कि एसडीएम हातोद की कोर्ट में उसका एक प्रकरण चल रहा है। एसडीएम का रीडर विजय कुमार रणदिवे इस केस को खत्म करने और तारीख देने के नाम पर 700 रुपए रिश्वत मांग रहा है। 18 फरवरी 2016 को आरोपित विजय ने फरियादी से 200 रुपए रिश्वत ले ली। उसने उसे बाकी रुपए लेकर आने को कहा है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने 11 मार्च 2016 को आरोपित को 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। लोकायुक्त की तरफ से विशेष लोक अभियोजक जीपी घाटिया ने पैरवी की। शनिवार को स्पेशल जज जेपी सिंह ने आरोपित विजय को रिश्वत लेने के आरोप में सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।
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