भोपाल। राजनीति में जातिवाद की जड़ें कितनी मजबूत हैं, एक बार फिर प्रमाणित हो गया। मध्यप्रदेश में कांग्रेस से गठबंधन की आस लगाए समाजवादी पार्टी ने जब कांग्रेस के बिना चुनाव लड़ने का ऐलान किया और मप्र में अखिलेश यादव सक्रिय हुए तो कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का कद लास्ट मिनट में बढ़ा दिया। यादव को स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल किया गया है। अब वो भी प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
खबर आ रही है कि अरुण यादव को अचानक प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद साइड लाइन कर दिया गया था। बयानों में एकाध बार यादव को महत्व दिया गया परंतु चुनाव में यादव की भूमिका जीरो कर दी गई थी। इसी बीच सपा सक्रिय हो गई। अखिलेश यादव लगातार मप्र के दौरे कर रहे हैं। इसी के चलते कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने यादव को बुलाया और स्क्रीनिंग कमेटी में भाग लेने के लिए कहा गया है। कांग्रेस के महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया उन्हे राहुल गांधी से मिलवाने ले गए थे।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अब सोमवार से शुरू हो रही स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में अरुण यादव शामिल होंगे। साढ़े चार साल तक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान यादव की जो टीम बनी थी, उसे उनके स्क्रीनिंग समिति में शामिल होने पर बल मिलेगा। बताया जा रहा है कि यादव की टीम में से कुछ टिकट की दावेदारी भी कर रहे हैं और वे उन्हीं के लिए टिकटों की मांग कर सकते हैं।
वहीं कांग्रेस में प्रत्याशियों की पहली सूची घोषित किए जाने को लेकर मंथन जारी है। कमलनाथ ने ऐलान किया था कि 28 या 29 अक्टूबर को पहली सूची जारी की जा सकती है। हालांकि इस पार्टी के कुछ नेता दबे स्वर में कह रहे हैं कि सूची तभी जारी की जाए जब बीजेपी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दे।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करें) या फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/2PLGTIA

Social Plugin