भोपाल। 2013 में संविदा शिक्षक आंदोलन को ठंडा करने के बदले भाजपा टिकट पर विधायक बनने वाले कर्मचारी नेता मुरलीधर पाटीदार को वापस घर भेजने की तैयारियां चल रहीं हैं। बताया जा रहा है कि उनकी सीट से अब रिटायर्ड आईएएस एसएन रूपला चुनाव लड़ेंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि रिटायर्ड आईएएस एसएन रूपला को रिटायरमेंट के बाद सीएम शिवराज सिंह ने अपना ओएसडी बना लिया था। वो संविदा नियुक्ति पर थे। चुनाव नजदीक आते ही रूपला ने इस्तीफा दे दिया। रिटायर्ड आईएएस एसएन रूपला आगरा मालवा जिले से आते हैं एवं सुसनेर उनका प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। इसलिए कहा जा रहा है कि इस बार सुसनेर से रिटायर्ड आईएएस एसएन रूपला को टिकट मिलेगा। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि रूपला अब भी शिवराज सिंह के ओएसडी ही रहेंगे। बस सरकारी दस्तावेजों से नाम कटवा लिया है ताकि आचार संहिता का टंटा ना आए। उनका वेतन भाजपा देगी या शिवराज सिंह यह कंफर्म नहीं हुआ है।
सौदेबाजी से विधायक बने थे मुरलीधर पाटीदार
मुरलीधर पाटीदार के बारे में बताया जाता है कि वो पहले कांग्रेस की राजनीति किया करते थे परंतु कांग्रेस में उन्हे कुछ खास महत्व नहीं मिला। शिक्षाकर्मी बनने के बाद उन्होंने शिक्षाकर्मियों के आंदोलन का नेतृत्व करना शुरू किया। राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष के तौर पर वो पूरे प्रदेश में लोकप्रिय कर्मचारी नेता बन गए थे। 2013 में उन्होंने बड़ा आंदोलन किया। पूरे प्रदेश के संविदा शिक्षक एवं अध्यापक उनके साथ थे, सरकार दवाब में आ गई थी कि तभी अचानक उन्होंने आंदोलन को ठंडा कर दिया। बाद में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की और सुसनेर से चुनाव लड़े। फिलहाल वो भाजपा की ओर से विधायक हैं परंतु पार्टी में 5 साल के दौरान उन्हे कोई खास महत्व नहीं दिया गया। यहां तक कि अध्यापकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हे मध्यस्थ नियुक्त नहीं किया गया।
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