ईपीएफओ ने अंशधारकों को जल्द फायदा देने के लिए मृतक आश्रितों के मामले एक हफ्ते में निपटाने के निर्देश दिए हैं। अंशधारक की नौकरी के दौरान असामायिक मौत पर सात दिन में आश्रित को पूरे हिसाब के साथ पारिवारिक पेंशन का सर्टिफिकेट भी दे दिया जाएगा।
ईपीएफओ के केंद्रीय अपर आयुक्त केएल गोयल ने सभी क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन को निर्देश दिए हैं कि अंशधारक की असामायिक मौत पर आश्रित से क्लेम फॉर्म प्राथमिकता के आधार पर निरस्तारित करें। जरूरत पर ईपीएफओ की टीम खुद अंशधारक के कागजातों का सत्यापन करेगी। भुगतान के समय ही अंशधारक के परिवार को कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना की धनराशि भी अतिरिक्त के तौर पर दी जाएगी। इसमें अधिकतम 6 लाख और न्यूनतम की सीमा पर संशय है। सात साल की सेवा में अंशधारक के परिवार को न्यूनतम ढाई लाख बीमा की धनराशि मिल सकती है।
04.5 करोड़ अंशधारक हैं पूरे देश में
बीमा योजना में ईपीएफओ ने नियोक्ता का अंशदान 0.50 फीसदी निर्धारित कर दिया है। हालांकि ईपीएफओ ने एक महीने के अंशदान पर भी अंशधारक के आश्रित को 23.5 हजार बीमा धनराशि का नियम बना दिया है। बीमा योजना का लाभ हर अंशधारक को देने के लिए ही क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त कार्तिकेय सिंह ने कानपुर, इलाहाबाद, बरेली, लखनऊ और इलाहाबाद में उन कम्पनियों का रिकार्ड तलब किया है जिन्हें योजना से छूट का लाभ दिया जा रहा है।
ईपीएफओ सीबीटी सदस्य रमन पांडेय का कहना है कि बीमा योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसलिए समीक्षा जारी है। अभी बीमा योजना का लाभ उसे ही मिलेगा जो नौकरी में रहेगा। नौकरी छोड़ने या छूट जाने के बाद इसका लाभ नहीं मिलेगा। ईपीएफओ ने अब सभी कम्पनियों में बीमा योजना को अनिवार्य करने की तैयारी की है।
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