राजस्थान में कर्मचारियों को बोनस मिल गया तो मप्र में अध्यापकों का संविलियन क्यों नहीं | EMPLOYEE NEWS

भोपाल। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से मप्र में राज्य निर्वाचन आयोग ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षा विभाग में संविलियन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जो 30 सितंबर 2018 तक पूरी होना थी। राजस्थान में राज्य कर्मचारियों के बोनस भुगतान को भारत निर्वाचन आयोग ने मंजूरी दे दी है। 

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष व जिला शाखा-नीमच के अध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार, कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वरसिंह सोलंकी व सचिव विनोद राठौर ने संयुक्त विज्ञप्ति में मांग की है कि माननीय श्री आर परशुराम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र व श्रीमती जयश्री कियावत आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से निवेदन है कि अध्यापक संवर्ग के शिक्षा विभाग में संविलियन की फाइल अविलंब भारत निर्वाचन आयोग को भेजकर अनुमति लेनी चाहिए। 

संविलियन की प्रक्रिया आचार संहिता प्रभावी होने के पूर्व से जारी थी इसे रोका जाना अध्यापक संवर्ग के साथ अन्याय है। राजस्थान कर्मचारियों को बोनस भुगतान निर्वाचन आयोग की सहमति से मार्ग प्रशस्त हो सकता है तो उसी प्रक्रिया से मप्र के अध्यापक संवर्ग के साथ न्याय कर भेदभाव समाप्त किया जा सकता है।
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