भोपाल। यदि आप किसी सरकारी दफ्तर में जाते हैं और कर्मचारी के साथ आपका विवाद हो जाता है तो आपके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया जाता है परंतु यदि घटना स्थल सरकारी कार्यालय हो और गलती सरकारी कर्मचारी की हो तो ज्यादातर लोगों को नहीं पता कि वो भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। जी हां, आईपीसी की धारा 166 सरकारी कार्यालय में आम आदमी का संरक्षण करती है। इसमें दोषी कर्मचारी को जेल की सजा तो होगी ही उसे सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा।
जितेन्द्र मधोक, एडवोकेट हिसार ने बताया कि लोग आमतौर पर सरकारी कार्यालय में जाने से कतराते हैं और सोचते हैं कि सरकारी/ सार्वजनिक कर्मचारी आपसे दुर्व्यवहार करेगा परंतु आम नागरिक को यह नहीं मालूम कि सरकारी कर्मचारी आपसे दुर्व्यवहार नहीं कर सकते। भारतीय दंड संहिता की धारा 166 के अनुसार, सरकारी कर्मचारी जो दूसरे को चोट पहुंचाने के इरादे से कानून का उल्लंघन करता है, उसे कारावास या जुर्माना या दोनों की अवधि के साथ दंडित किया जा सकता है।
यदि कोई सरकारी कर्मचारी आपको हिट करता है या अपमान करता है, तो आईपीसी का यह प्रावधान लागू हो सकता है। आईपीसी के 22वें अध्याय में अपमान के अपराध के लिए कारावास की सजा या जुर्माना या जुर्माना भी शामिल है। यह अपराध आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 के अनुसार एक जटिल अपराध है। इसके लिए सर्वप्रथम सार्वजनिक कर्मचारी के कार्य को एफआईआर दर्ज करके पास के पुलिस स्टेशन पर रिपोर्ट करना है। एफआईआर दर्ज करके, कानूनी कार्रवाई का पहला कदम शुरू किया जाता है।
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