पंकज शर्मा, धार (मप्र), NIT;

जिला मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा ने संवाददाता को बताया कि साक्षर भारत योजना के अंतर्गत कार्यरत साक्षरता संविदा प्रेरकों का कार्य भारत सरकार के बिना किसी आदेश के जन अभियान परिषद् को दिया गया है। जबकि साक्षरता प्रेरक विगत 6 वर्षो से अपनी सेवाएं न्यूनतम मानदेय मात्र 66 रू 66 पैसे पर दे रहे हैं। यह न्यूनतम मानदेय भी दिसंबर 2017 से नहीं मिला है। प्रेरकों द्वारा साक्षरता केंद्र के विधिवत संचालन के साथ-साथ केंद्र व राज्य की मंशानुसार कार्य को संपादित किया जाता है, बकाया मानदेय एवं सेवा बहाली को लेकर साक्षरता संविदा प्रेरक शिवराज के राज में मांगेंगे भीख और होगा साक्षरता प्रेरकों का हल्ला बोल कार्यक्रम जिसमें जिला स्तरीय प्रेरक हाथ में काली पट्टी बांधकर, हाथ में काला झंडा व साथ ही कटोरा लेकर शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए भीख मांगते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपेंगे।
जिला अध्यक्ष राजेश जीराती, जिला प्रमुख मोहन परमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु समस्त साक्षरता प्रेरकों से समय पर निर्धारित स्थान पर उपस्थित होने की अपील की है।
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