12 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों और मजदूरों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

पीयूष मिश्रा/अश्वनी मिश्रा, छपार/सिवनी (मप्र), NIT; किसान मजदूर सेवक संघ छपारा और भारतीय किसान संघ के तत्वाधान में बलराम जयंती के अवसर पर 1 सितंबर को छपारा कृषि उपज मंडी प्रांगण में विशाल विशाल मजदूर सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में छपारा ब्लॉक के सैकड़ों किसानों और मजदूरों के अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय किसान संघ छिंदवाड़ा के अध्यक्ष मेहर सिंह चौधरी सहित भारतीय किसान संघ सिवनी के अध्यक्ष रणजीत सिंह प्रमुख तौर पर उपस्थित रहे।

सरकार के खिलाफ दिखा आक्रोश

इस विशाल किसान मजदूर सम्मेलन में छपारा ब्लाक के किसानों और मजदूरों का आक्रोश प्रदेश सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से दिख रहा था। मंच से वक्ताओं ने वर्तमान सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश के किसान खाद बीज और कीटनाशक के नाम पर बाजार में जमकर लूटे जा रहे हैं। वहीं सहकारी समितियों में खाद बीज पर्याप्त मात्रा में किसानों को उपलब्ध नहीं हो रहा है और इसका सीधा फायदा बाजारों में कुकुरमुत्तों की तरह शैली खाद बीज के प्राइवेट दुकानदार मनमाने दाम पर किसानों को खाद बीज और कीटनाशक बेच रहे हैं यही नहीं किसी भी खाद बीज दुकानदार के द्वारा किसानों को खाद बीज और कीटनाशक का बिल नहीं दिया जा रहा है। खरीफ फसल के पंजीयन के नाम पर किसानों को सहकारी समितियों के सुबह से लेकर देर रात तक रोजाना चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है।​

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

किसान मजदूर सेवक संघ और भारतीय किसान संघ ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम छपारा तहसीलदार को 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा जिसमें वर्तमान मक्का पंजीयन पिछले वर्ष की तरह ग्राम पंचायत स्तर पर होनी चाहिए, गेहूं मक्का का बोनस वर्ष 2017-18 का बकाया राशि एवं फसल बीमा योजना की राशी तत्काल दिलाई जाए, मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य पर ही की जाए, माचागोरा बांध की नहर छपारा विकासखंड की समस्त ग्रामों तक पहुंचाई जाए तथा बीजादेवरी गोरखपुर बिजना बांध से जुड़ी जाए, खेती ठेका लेने वाले किसानों पर जीएसटी ना लगाई जाए, कृषि के लिए किसानों को 24 घंटे थ्री फेस बिजली उपलब्ध कराई जाए, डबल लॉक खाद्य भंडारण सेंटर जल्द खुलवाया जाए, जंगली जानवरों के द्वारा फसल की नुकसानी को देखकर तत्काल मुआवजा दिया जाए, समस्त किसानों का कर्ज माफ किया जाए, मनरेगा में काम करने वाले मजदूरी शीघ्र दी जावे, अन्य जिले की तर्ज पर किसानों को बागवानी उद्यानिकी में तार फेंसिंग 80% अनुदान एवं केले अनार की फसल पर अनुदान दिया जाए, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी सौर ऊर्जा में किसानों को 80% अनुदान दिया जाए। उपरोक्त 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन किसान मजदूर सेवक संघ तथा भारतीय किसान संघ के सैकड़ों किसानों और मजदूरों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन छपारा तहसीलदार को सौंपा।



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