नई दिल्ली। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण का सामना केवल द्वितीय या तृतीय श्रेणी की महिलाओं को नहीं करना पड़ता बल्कि भारतीय सेवा के स्तर की महिलाओं को भी करना पड़ रहा है। इसका खुलासा तमिलनाडु में हुई एक शिकायत से हुआ है। तमिलनाडु में एक महिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने अपने एक आईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामले की जांच एक कमेटी कर रही है।
जबरन गले लगाने की कोशिश की
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अपनी शिकायत में महिला एसपी ने बताया है कि किस तरह से आईजी रैंक का एक शीर्ष अधिकारी ने उसका यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के अनुसार, 'आईजी ने कई बार जबरन गले मिलने की कोशिश की और जब मैंने ऐसा करने से मना किया तो उसने मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशाखा कमेटी का गठन किया है।
उन्होंने मुझे पॉर्न वीडियो दिखाए
अपनी शिकायत में महिला अधिकारी ने आरोप लगाया है कि 'आईजी मुझे पिछले सात महीने से परेशान कर रहे हैं। वह मुझे देर रात कॉल करते हैं और आपत्तिजनक मैसेज भेजते हैं। आपत्तियों के बावजूद भी उन्होंने मुझे पॉर्न वीडियो दिखाए। आईजी ने मुझे धमकी दी है कि अगर मैंने उनकी बात को नहीं मानी तो वह मेरी एसीआर खराब कर देंगे जो मेरे करियर को प्रभावित करेगा।'महिला अधिकारी ने किसी अन्य विंग में अपने ट्रांसफर कराने की मांग की है। पुलिस महानिदेशक टीके राजेंद्रन ने इसके लिए तीन एडीजी स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की है, जबकि दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी इस कमेटी में शामिल किया गया है। मामले की जांच कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के तहत की जा रही है।
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