पीयूष मिश्रा, घंसौर/सिवनी (मप्र), NIT;
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बच्चों को पोषण आहार देने के लिए प्रयासरत है लेकिन मध्यान भोजन तैयार करने वाले स्वसहायता समूह इस स्कीम पर ग्रहण लगा रहे हैं। ताजा मामला सिवनी जिले की जनपद पंचायत घंसौर के अंतर्गत आने वाले माध्यमिक शाला पनारझिर का सामने आया है जहाँ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परोसे जाने वाले मध्यान भोजन की सामग्री में इल्लियां पाई गई हैं जिसे समय रहते अभिभावकों द्वारा देख लिया गया जिसके बाद मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह व अभिभावकों के बीच जमकर विवाद हुआ।
पूरे मामले का खुलासा 15 अगस्त को सुबह तड़के उस समय हुआ जब माध्यमिक शाला पनारझिर में बच्चे व शिक्षक झंडा वंदन कर स्वतंत्रता दिवस समारोह मना रहे थे। एक बच्चे के अभिभावक ने शाला की रसोई का निरीक्षण किया तो पुरी (पुड़ी ) के लिए आए आटे में इल्लियां देख उन्होंने इसकी शिकायत शिक्षकों से की। मामला अभिभावकों के बीच में आने के बाद खाना पका रहे रसोइया व पालकों के जमकर विवाद हुआ जबकि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन का संचालन कर रहे स्वसहायता समूह ने मौका देख स्थल से भगने में ही भलाई समझी। इतने बड़े मामले में अधिकारियों ने भी जांच की बात कह पल्ला झाड़ लिया।
बड़ा सवाल यह कि आटे में जब इल्लियां थीं तो उसे चलनी से छाना क्यों नहीं गया?
यदि उस आटे का अभिवावक निरक्षण नहीं करते तो क्या उस से बनी पुरी बच्चों को खिला दिया जाता ?
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