वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT; 
मृतक के पुत्र ने NIT संवाददाता को बताया कि बैंक के कर्मचारी ने हमारे पिता का विड्रॉल भरा लिया और वह कहने लगे कि यह बोल कर दिखाएं परंतु खाताधारक बीमार होने के कारण बहुत ही कम आवाज में बोल सकता था तथा जब उसके पुत्र ने कहा आप लोगों ने मौके पर विड्रॉल भरवा लिया है तो आप लोगों को पैसा निकाल देना चाहिए लेकिन बैंक के अधिकारियों ने उसकी एक बात भी नहीं सुनी और बैंक के मैनेजर ने कहा कि हमें ₹10000 दीजिए तो आपका पैसा हम निकाल देंगे इसी दौरान खाताधारक अधिक बीमार होने के कारण बैंक के बाहर ही अपना दम तोड़ दिया। अगर बैंक के अधिकारी मौके पर उसे पैसा उपलब्ध करा देते तो हो सकता था कि उस युवक की जान बच जाती लेकिन ऐसा उन्होंने नहीं किया। तब मृतक के पुत्र ने मीडिया वालों को बुलाया, मीडिया वालों ने जब जाकर मैनेजर से पूरी घटना की जानकारी लेनी चाहिए तो मैनेजर ने अपने घमंड में मीडिया कर्मियों से भी अभद्रता करते हुए गोला कोतवाली फोन करके पूरी फोर्स मंगवा ली तथा मैनेजर का वही रवैया रहा। मैनेजर पुलिस के सामने भी अपना अभद्रता का परिचय देता रहा कहीं इसका भेद ना खुल जाए।
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