भोपाल। जूनियर डॉक्टर्स की गोलबंदी बिफल हो गई है। सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश में की गई हड़ताल अब बिफल हो गई है। हाईकोर्ट एवं सरकार के सख्त रुख के बाद हड़ताली नर्स काम पर वापस लौट आईं हैं। आईएएस राधेश्याम जुलानिया का कहना है कि प्राइवेट कॉलेजों से जूनियर डॉक्टर्स को बुला लिया गया है। अब हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। अब तक करीब 1 दर्जन से ज्यादा जूनियर डॉक्टर्स को निष्कासित किया जा चुका है। इनमें जूनियर डॉक्टर्स के नेता भी शामिल हैं।
जीएमसी डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने बताया कि हड़ताली नर्सें काम पर वापस लौट आईं हैं। डीन के मुताबिक पिछले दो दिन में जितने भी नर्सिंग स्टाफ पर निष्कासन की कार्रवाई हुई, वह बरकरार रहेगी। इससे पहले दिन में जीएमसी प्रशासन ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर 4 जूनियर डॉक्टर और 6 नर्स को निष्कासित कर दिया। प्रशासन ने हड़ताल में शामिल पीजी फर्स्ट ईयर के 100 जूनियर डॉक्टर को गुरुवार सुबह 9 बजे तक ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। यदि ये काम पर नहीं लौटे तो इन्हें भी निष्कासित कर दिया जाएगा।
वहीं ग्वालियर के जय आरोग्य हॉस्पिटल और गरजाराजा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 5 नर्स व 4 टेक्नीशियन पर निष्कासन की कार्रवाई की। इस तरह प्रदेश में दो दिन में 24 जूडा और 19 नर्स पर कार्रवाई हो चुकी है।
एस्मा के बाद ड्यूटी ज्वाइन नहीं की तो कर्मचारी बर्खास्त
एसीएस चिकित्सा शिक्षा राधेश्याम जुलानिया ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सकीय सेवा आदर्श नियम 2018 में संशोधन करने का फैसला लिया है। भर्ती नियमों के नियम 13.5 के तहत संस्थान में एस्मा लागू होने की स्थिति में गैरहाजिर कर्मचारी अगर नोटिस जारी होने के 24 घंटे के भीतर नौकरी ज्वाइन नहीं करता तो कॉलेज डीन संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्त कर सकेंगे।
ये जूनियर डॉक्टर बर्खास्त :
डॉ. सचेत सक्सेना, डॉ. संजय यादव, डॉ. विपिन सिंह, डॉ. पारस सत्यदेव।
छह स्टाॅफ नर्स की सेवा समाप्त :
धनराज नागर, भावना पटेरिया, रविंद्र सिंह, साजिद खान, वैशाली हिरण खेड़े, सुनीता जोनजारे
हमारी हड़ताल जारी है: जूनियर डॉक्टर
देर रात जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भोपाल के संयुक्त सचिव डॉ. अभिनव नरवरिया ने कहा कि हमसे जेडीए के लेटरपैड पर जबरन हड़ताल खत्म करने का लैटर लिखवाया गया। हमारी हड़ताल जारी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद रुख स्पष्ट करेंगे। दरअसल खबर आई थी कि जीएमसी डीन को जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का पत्र दिया है। इसकी जानकारी चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवशेखर शुक्ला को भी भेजी गई। इसी पर जेडीए ने अपना रुख रखा। वहीं डीन ने कहा कि जेडीए ने हमें हड़ताल खत्म करने के लिए लिखकर दिया है।
इससे पहले मप्र हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ को चेतावनी देते हुए हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के निर्देश दिए। जस्टिस आरएस झा एवं जस्टिस मोहम्मद फहीम अनवर की खंडपीठ ने साफ कहा कि यदि डॉक्टर और अन्य स्टाफ परोक्ष या अपरोक्ष किसी भी रूप में हड़ताल जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ सरकार के साथ-साथ कोर्ट भी वैधानिक कार्रवाई करेगी। हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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