भोपाल। शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के मॉडल व उत्कृष्ट विद्यालयों में विशिष्ट शिक्षकों की पदस्थापना करने के लिए गत वर्ष 24 जुलाई 2017 को प्रदेश की शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के लिए ऑनलाइन विभागीय परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसका परीक्षा परिणाम मेरिट लिस्ट के साथ ठीक एक वर्ष बाद 24 जुलाई 2018 को घोषित किया गया। जिसके संबंध में पीड़ित शिक्षक योगेश शर्मा शा.उ.मा. वि.बैराड़ ,पवन गोस्वामी, रामजीलाल प्रजापति, दिलीप शर्मा, मुकेश खटीक व अन्य ने बताया कि विभाग ने परीक्षा परिणाम के साथ ऐनवक्त पर अपने चहेतों को लाभान्वित करने के लिए मेरिट सूची के अनुसार चयनित आवेदकों की पदस्थापना उनके पसंदीदा जिलों के विद्यालयों में नही करके वर्तमान में पदस्थ जिले के ही मॉडल व उत्कृष्ट विद्यालयों में ही करने की बेतुकी शर्त लगा डाली।
जिसमे हवाला दिया गया कि अब कोई भी आवेदक वर्तमान पदस्थ संस्था के जिले से बाहर दूसरे जिले के विद्यालय में पदस्थ नही किया जावेगा। जिससे आवेदन करते समय विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदक से प्रदेश के कोई भी 20 विद्यालयों का पदस्थापना हेतु वरीयता क्रमानुसार चयन कराया गया । जिसका कोई औचित्य ही नही रहा और चयनित आवेदक मेरिट लिस्ट में उच्च स्थान रखते हुए भी अपने इच्छित जिलों में पहुंच ने से वंचित रह गए।
जबकि प्रदेश में इसी तर्ज पर इस परीक्षा के साथ आदिम जाति कल्याण विभाग ने अपने विशिष्ट विद्यार्थियों में विशिष्ट शिक्षकों की पदस्थापना करने के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन कराकर आवेदकों को उनके द्वारा चयनित किए गए इच्छित जिलो में पदस्थ कर दिए गए हैं।अतः पीड़ित आवेदकों ने शिक्षा विभाग से अनुरोध किया हैं कि नवीन आदेशो को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए पर्व विज्ञापन के अनुसार ही चयनित आवेदकों की पदस्थापना की जावे। अन्यथा सभी चयनित पीड़ित आवेदक न्याय पाने के लिये कीसी भी प्रकार की रणनीति बनाने हेतु बाध्य होगें।
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