भोपाल। 2018 के मध्यप्रदेश चुनावी इतिहास में यह पहली बार हुआ जब सोशल मीडिया पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को पब्लिक ने जमकर ट्रोल किया हो। दरअसल, मंदसौर गैंगरेप केस में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मामले की सीबीआई जांच की मांग कर डाली थी जबकि आरोपी सीसीटीवी में कैद हुआ था एवं उसे गिरफ्तार कर लिया था। सिंधिया की यह मांग उस समय आई जबकि सारा प्रदेश आरोपी को सरेआम फांसी देने की मांग कर रहा था। अब जबकि सिंधिया को समझ आया कि उन्होंने गलत मांग कर ली है तो अपने बयान से हट गए और नई मांग करने लगे। एक बार फिर सिंधिया ने 15 दिन में फांसी देने की असंभव अपील की है। सिंधिया ने प्रेस कांफ्रेंस करके पुलिस की जांच कर ये कहते हुए सवाल उठाया था कि इस मामले की जांच सही दिशा में नहीं हो रही है, साथ ही उन्होंने पुलिस के साथ-साथ प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की थी। मंदसौर गैंगरेप मामले की सीबीआई जांच की मांग करने और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने की वजह से सिंधिया सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुए, जिसके बाद उन्होंने इस मामले पर न सिर्फ यू-टर्न ले लिया, बल्की दोनों आरोपियों को 15 दिन में फांसी की सजा दिलाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकालते नजर आए। उन्होंने ट्वीट किया है कि मंदसौर की बेटी के साथ की गई हैवानियत झकझरने वाली है। इस बर्बरता पूर्ण कृत्य के लिए सिवाय फांसी के दूसरी कोई सजा नहीं हो सकती है।
गौरतलब है कि इस बेहद संवेदनशील मामले में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के तमाम शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में सिंधिया को ये बात समझते देर नहीं लगी कि उन्होंने थोड़े ही वक्त में आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा कर जनभावनाओं को विपरीत बयान दे दिया। सिंधिया के सीबीआई जांच करने की मांग वाले बयान को सोशल मीडिया पर उनके विरोधियों ने आरोपियों के प्रति संवेदना करार दिया। जिसके बाद उन्हें लोगों के गुस्से का समाना करना पड़ा।
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