पन्ना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतत: जातिवाद का कार्ड खेल ही दिया। करीब 3 साल से वो इसकी तैयारी कर रहे थे। जन आशीर्वाद यात्रा के लिए आए सीएम शिवराज सिंह ने पत्रकारों को बयान दर्ज कराते हुए कहा कि ये राजा-महाराजा हैं और वे स्वयं पिछड़ा वर्ग से आते हैं, इसलिए उन पर कांग्रेस नेता कुछ भी आरोप लगाते रहते हैं। बता दें कि इससे पहले भी अजाक्स के एक सम्मेलन में उन्होंने 'माई का लाल' बयान देकर कुछ जातियों को साधने की कोशिश की थी।
कांग्रेस-बसपा गठबंधन से घबराहट
व्यापमं घोटाले से शुरू हुई सीएम शिवराज सिंह की तीसरी पारी अब तक लगातार विवादों में घिरी हुई है। पूर्ण बहुमत और कमजोर विपक्ष के बावजूद 2013 से अब तक लगातार समाज के अलग-अलग वर्ग शिवराज सिंह की नीतियों और फैसलों का विरोध करते आ रहे हैं। इस बार किसान भी नाराज है और बेरोजगार भी। शायद इसी के चलते पिछले 1 साल से लगातार बसपा का वोट बैंक अपने खाते में शिफ्ट करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कई योजनाएं एक वर्ग विशेष के लिए ना केवल घोषित कीं बल्कि उन्हे प्राथमिकता के साथ लागू भी करवा दिया लेकिन अब कांग्रेस-बसपा गठबंधन की खबर ने शायद उन्हे विचलित कर दिया है इसलिए वो पिछड़ा वर्ग का कार्ड खेल गए।
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