भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कॉलेज केंपस अब नशे का अड्डा बन गए हैं। पिछले दिनों बेतूल के यश पाठे सुसाइड केस में इस कारोबार की कलई खुल गई थी। लक्ष्मीनारायण मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र यश पाठे को ड्रग एडिक्ट बनाया गया और प्रताड़ना के चलते उसने आत्महत्या कर ली। अब एक नया मामला सामने आया है। छिंदवाड़ा की युवती पूजा धुर्वे को उसके पिता ने यहां आईटीआई करने भेजा था परंतु वो ड्रग एडिक्ट बन गई और बीते रोज उसने सुसाइड कर लिया।
पुलिस के अनुसार छिंदवाड़ा निवासी पिता रामंचद्र धुर्वे ने पुलिस को सूचना दी थी कि बीडीए कॉलोनी शहीद भगत सिंह कॉलोनी अब्बास नगर में उनकी बेटी पूजा धुर्वे चौथी मंजिल पर रहती है। पूजा दरवाजा नहीं खोल रही है और अंदर से बदबू आ रही है। रात करीब पौने 12 बजे पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो पूजा का शव फंदे पर लटका मिला। पिता रामचंद धुर्वे का कहना है कि वे गुरैया, जिला छिन्दवाड़ा के रहने वाले है। पूजा को उन्होंने करीब छह साल पहले आईटीआई करने भोपाल भेजा था। भोपाल में पढ़ाई के दौरान वह गांजा, चरस, पाउडर समेत अन्य नशे की आदी हो गई थी। पूजा की इन हरकतों से परिजन परेशान थे। पूजा के पिता रामचंद धुर्वे ने बताया कि बेटी भोपाल से घर भी बहुत कम जाती थी।
नशे की जकड़ में भोपाल के कॉलेज केंपस
इस घटना के बाद यह प्रमाणित हो गया है कि भोपाल शहर के लगभग सभी शैक्षणिक संस्थान जहां बाहर से छात्र पढ़ने के लिए आते हैं, ड्रग माफिया की गिरफ्त में हैं। यहां लालच देकर या धमकाकर छात्र-छात्राओं को नशे की लत लगाई जा रही है। बैतूल के यश पाठे सुसाइड केस में इसका खुलासा हो चुका है परंतु पुलिस ने अब तक इस दिशा में कोई अभियान शुरू नहीं किया। शैक्षणिक संस्थाओं के संचालक भी नशे के खिलाफ कोई कार्रवाई करते नजर नहीं आए।
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