भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 21 जनवरी को सीएम हाउस में आयोजित एक सम्मेलन में अध्यापकों को शिक्षा विभाग में संविलियन का ऐलान कियास था। 29 मई को कैबिनेट में इसका प्रस्ताव मंजूर किया गया लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। 21 जुलाई को बड़वानी में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सीएम शिवराज सिंह ने बयान दिया था कि सोमवार 23 जुलाई को आदेश जारी कर दिए जाएंगे परंतु ऐसा भी नहीं हुआ। अब एक नया झमेला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त की ओर से एक पत्र जारी हुआ है। इस पत्र में क्या लिखा है इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इस पत्र के माध्यम से संविलियन प्रक्रिया को उलझा दिया गया है। गुरुवार आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अध्यापकों का वेतन आहरण वाला बैंक खाता आधार से लिंक करते हुए ई-केवायसी करवाना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही एजुकेशन पोर्टल पर प्रथम नियुक्ति आदेश, संविलियन आदेश व सर्विस बुक के पहले पन्नो को अपलोड किया जाना जरूरी है। इसके लिए शासन ने 2 अगस्त तक की समय सीमा दी है। यह बड़ी ही चतुराई से जारी किया गया आदेश है। शुक्रवार 27 जुलाई से लेकर 2 अगस्त तक दो दिन चौथे शनिवार व रविवार को बैंक का अवकाश रहेगा। अत: अध्यापकों को आधार से खाता लिंक करने के लिए कुल पांच दिन का वक्त ही मिल रहा है।
इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि यदि एक भी अध्यापक चूक गया तो पूरी प्रक्रिया उसके इंतजार में रुकी रहेगी। यहां बता दें कि बैंक खातों की ई-केवायसी करवाना बैंक का काम है। इसके लिए रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया उन्हे सर्कुलर जारी करता है और बैंक कर्मचारी खुद खाताधारकों को बुलाकर ई-केवायसी करते हैं। लोक शिक्षण संचालनालय का इससे कोई रिश्ता ही नहीं है ना ही इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय जिम्मेदार संस्थान है। कम से कम संविलियन आदेश के लिए बैंक खातों की ई-केवायसी करवाना कतई अनिवार्य नहीं है। इससे पहले जितने भी नियमितीकरण हुए उनमें ऐसा कोई पेंच नहीं था।
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